Saturday, December 30, 2017

आप के राज्यसभा टिकट पर मचा घमासान

दिल्ली की 3 सीटों पर राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 27 जनवरी को खत्म हो रहा है। 16 जनवरी को होने वाले चुनाव को लिए शुक्रवार से नामांकन प्रक्रिया भी शुरु हो गई है। पार्टी में जहां कुमार विश्वास टिकट की मांग कर रहे थे उन्हें केजरी के री-ट्वीट किए गए वीडियो से जबाव दे दिया गया जिसमें केजरीवाल कह रहे हैं कि पद और टिकट का लालच रखने वाले आज ही पार्टी छोड़ दें। विश्वास के समर्थकों ने शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में चार घंटे तक हंगामा किया। सूत्र बताते हैं कि कुमार विश्वास पर पार्टी का विश्वास नहीं है। लिहाजा, आप बाहरी उम्मीदवारों की ओर टकटकी लगाए बैठी है। पार्टी दफ्तर पर कुमार को राज्यसभा भेजने की मांग पर प्रदर्शन कर रहे कुमार समर्थक शुक्रवार शाम कुमार के गतिरोध के बाद शांत हो गए। अब ये तो तय है कि कुमार राज्यसभा नहीं जा रहे। तो फिर तीन और कौन से नाम हैं जो जा सकते हैं। एक नाम जो फाइनल है वो है संजय सिंह का। जोकि 4 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगे। अब बचे दो नामों को लेकर पार्टी में मंथन चल रहा है। सूत्रों के मुतािबक पार्टी इन्वेस्टमेंट बैंकर मीरा सान्याल और सत्येंद्र जैन के खास माने जाने वाले सुशील गुप्ता का नाम चर्चा में है वहीं आईबीएन-7 से पार्टी में गए आशुतोष का नाम भी चर्चा में बताया जा रहा है। अब ये फैसला तो भविष्य के गर्त में है। 3 जनवरी तक बचे दो नामों के स्पष्ट हो जाने की पूरी संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी चाहती है कि संसद के ऊपरी सदन में कुछ पेशेवर लोगों को भेजा जाय या फिर ऐसे राजनीतिक चेहरे को भेजा जाय जो पीएम नरेंद्र मोदी के मुखर विरोधी रहे हैं। इसी क्रम में आप ने पहले पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन को ऑफर दिया लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। इसके बाद चर्चा है कि आप ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टी एस ठाकुर से भी संपर्क किया लेकिन उन्होंने भी इनकार कर दिया। आप ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी से भी संपर्क किया लेकिन इन लोगों ने भी इनकार कर दिया। आप संयोजक द्वारा इंफोसिस के संस्थापक एम नारायणमूर्ति, नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और उद्योगपति सुनील मुंजाल से भी संपर्क करने की चर्चा है मगर सभी ने मना कर दिया। इस मसले पर बचने के िलए केजरीवाल छुटि्टयां मनाने अंडमान चले गए हैं। उनका इस तरह दिल्ली से जाना ये दर्शाता है कि वो पूरी तरह आश्वस्त हैं और उन्हें ये मालूम है कि अगला मोहरा कैसे चला जाएगा। -पुष्पेंद्र मिश्र