अभी देश रूस्तमे हिंद दारा सिंह की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि आज बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना (काका) भी हमे छोड़ कर चले गये।
बर्ष २०१२ रंग मंच की दुनिया में जो क्षति दिया है शायद वो कभी पूरी नहीं होगी इसी बर्ष हिंदी फिल्मों के जाने मने चुलबुले अभिनेता शम्मी कपूर नहीं रहे
उसके बाद प्रख्यात ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह भी ये कहते हुए चले गए ....शायद सभी दिवंगत कह रहे हो कि "मुसाफिर हूँ यारो न घर है न ठिकाना बस चलते जाना है यूँही चलते जाना "
हम जबान दिलों कि धड़कन राजेश खन्ना को कैसे भूल सकते हैं रोटी आराधन आनंद अमर प्रेम ये कुछ ऐसी फिल्मे है जो भुलाये नहीं भूलती और फिर इन फिल्मो में किशोर कुमार द्वारा गए हुए नगमे काया कहना ......इसी क्रम में विश्व विख्यात ग़ज़ल गायक मेहँदी हसन साहब का भी निधन हो गया
बर्ष २०१२ रंग मंच की दुनिया में जो क्षति दिया है शायद वो कभी पूरी नहीं होगी इसी बर्ष हिंदी फिल्मों के जाने मने चुलबुले अभिनेता शम्मी कपूर नहीं रहे
उसके बाद प्रख्यात ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह भी ये कहते हुए चले गए ....शायद सभी दिवंगत कह रहे हो कि "मुसाफिर हूँ यारो न घर है न ठिकाना बस चलते जाना है यूँही चलते जाना "

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