जस्ट थिंक
Sunday, July 15, 2012
andhera sansaar
wwwapnibaatcom.blogspot.in
क्या अँधा होना गुनाह है क्या अंधे हो जाने पर या अंधे लोग कभी नहीं देख पाएंगे क्या हमारा फ़र्ज़ नहीं बनता की अंधे लोंगो की हम मदद करें ताकि वो इस जीवन को बोझ न समझें तो आओ हम संकल्प करें
और नेत्रदान कर दूसरों के अँधेरे जीवन को रौशनी से भर दें .
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment